झारखंड

Health News: अब झारखंड में ही 21 गंभीर बीमारियों का होगा इलाज, बाहर जाने का झंझट खत्म, ये है प्लान


बैठक करते अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह
  रिपोर्ट - नीलम मिश्रा 17 Dec 2025 / 02:38 PM

Health News: गंभीर बीमारियों का इलाज अब झारखंड में ही होगा. इस बाबत राज्य सरकार ने बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है. अब राज्य के लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए झारखंड से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जल्द ही झारखंड में सभी 21 गंभीर बीमारियों का इलाज हो सकेगा.

Health News: रांची-झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के नागरिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है. अब राज्य के लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जल्द ही झारखंड में सभी 21 गंभीर बीमारियों का इलाज हो सकेगा. इस संबंध में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अपने कार्यालय में बैठक की. इसमें झारखंड के चार प्रमुख सरकारी अस्पतालों रिम्स, शहीद निर्मल महतो मेमोरियल कॉलेज एंड हॉस्पिटल धनबाद, सदर अस्पताल रांची और एमजीएम कॉलेज जमशेदपुर में यह चिकित्सा व्यवस्था सुलभ कराने पर निर्णय लिया गया. 

सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलेगी सुविधा

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सभी 21 गंभीर बीमारियों का उपचार राज्य में ही हो, इसके लिए सारी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के इन चार सरकारी अस्पतालों के साथ ही राज्य के चार बड़े निजी अस्पतालों में भी गंभीर बीमारियों का उपचार हो सकेगा. इन बीमारियों के इलाज के लिए सारी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए पैकेज का निर्धारण किया जा चुका है.

मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत होगा उपचार

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि इन सभी गंभीर बीमारियों का उपचार मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत ही हो सकेगा. इस योजना के तहत रोगों के उपचार के लिए निश्चित पैकेज का निर्धारण किया जा रहा है ताकि लोगों को इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़े.

सिकल सेल एनीमिया के लिए विशेष व्यवस्था

अपर मुख्य सचिव ने इसके साथ ही सिकल सेल एनीमिया के ट्रीटमेंट के लिए सदर अस्पताल रांची में व्यापक सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल का सीएमसी वेल्लोर से एमओयू होगा ताकि बोन मैरो ट्रांसप्लांट रांची में ही हो सके. यह राज्य सरकार के गंभीर बीमारी उपचार योजना के रोगियों के लिए एक बड़ी खबर है क्योंकि अब उन्हें इलाज के लिए राज्य के बाहर नहीं जाना पड़ेगा.

बैठक में ये थे उपस्थित

इस बैठक में एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, ललित मोहन शुक्ला, सीमा, सिद्धार्थ सान्याल, ध्रुव प्रसाद समेत अन्य उपस्थित थे.