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CUJ Good News: सीयूजे की बड़ी उपलब्धि, कृषि क्षेत्र में मिला पेटेंट, डॉ प्रतिभा वरवड़े और उनकी शोध टीम ने बढ़ाया मान


सीयूजे की सहायक प्राध्यापक डॉ प्रतिभा वरवड़े और डिवाइस
  रिपोर्ट - नीलम मिश्रा 20 Dec 2025 / 11:22 PM

CUJ Good News: झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजे) की सिविल इंजीनियरिंग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ प्रतिभा वरवड़े और उनकी शोध टीम को कृषि क्षेत्र में पेटेंट मिला है. इसके तहत मिट्टी की नमी को मॉनिटर करने वाला डिवाइस बनाया गया है. यह उपकरण किसानों को वास्तविक समय में मिट्टी की नमी का स्तर ज्ञात कराने में सक्षम है.

CUJ Good News: रांची-सीयूजे (झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय) की सिविल इंजीनियरिंग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ प्रतिभा वरवड़े और उनकी शोध टीम को कृषि क्षेत्र में पेटेंट मिला है. इस पेटेंट के अंतर्गत मिट्टी की नमी को मॉनिटर करने वाला डिवाइस बनाया गया है. इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) से लैस स्मार्ट सिंचाई प्रणाली वाले इस डिवाइस को बड़े पैमाने पर कृषि उत्पादन, विशेष रूप से ड्रिप सिंचाई के तहत विभिन्न प्रकार की सब्जी और फलों (हॉर्टिकल्चर) के फसल के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह प्रणाली वास्तविक समय में मिट्टी की नमी और पर्यावरणीय आंकड़ों के आधार पर सिंचाई को स्वचालित करके मैन्युअल श्रम पर निर्भरता को कम करती है.

कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि-डॉ प्रतिभा वरवड़े

डॉ प्रतिभा वरवड़े ने बताया कि इस पेटेंट को कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. इस उपकरण को किसानों के हित में इस्तेमाल करने के लिए मध्य प्रदेश के कृषि विभाग ने उनसे संपर्क किया है और यह झारखंड के संदर्भ में भी लाभकारी होगा. यह उपकरण किसानों को वास्तविक समय में मिट्टी की नमी का स्तर ज्ञात कराने में सक्षम है, जिससे सिंचाई प्रबंधन को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अधिक दक्ष, सटीक और प्रभावी बनाया जा सकेगा. विशेष रूप से यह एक कम लागत वाला उपकरण है, जो बाजार के बाकी उपकरणों से काफी सस्ता है. उन्होंने बताया कि यह किसानों के लिए व्यावहारिक और उपयोगी सिद्ध होगा. इस उपलब्धि से भारतीय कृषि में स्मार्ट एग्रीकल्चर की दिशा में नई संभावनाओं का द्वार खुले हैं, जो जल संरक्षण, उत्पादन वृद्धि और सतत विकास में सहायक सिद्ध होगा.


डॉ प्रतिभा वरवड़े ने यह उपलब्धि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर (छत्तीसगढ़) की शोध टीम के साथ पायी है. इस सात सदस्यीय टीम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से डॉ सुरेंद्र कुमार चन्दनिहा (सहायक प्राध्यापक/वैज्ञानिक) और रूपांशु गुप्ता ने नेतृत्व किया जबकि सीयूजे से एकमात्र डॉ वरवड़े नेतृत्व कर रही थीं. एमटेक डिसर्टेशन शोध कार्यक्रम के परिणामस्वरूप इस नवाचार को पेटेंट का औपचारिक मान्यता प्राप्त हो सका है.

उपलब्धि पर इन्होंने दी बधाई

इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो क्षिति भूषण दास ने डॉ प्रतिभा वरवड़े को बधाई दी और उनके शोध और नवाचार को पेटेंट में परिणत करके उन्नत तकनीक द्वारा समाज कल्याण में योगदान देने के लिए सराहा. डीन-शोध एवं विकास प्रो अरुण कुमार पाढ़ी, संकाय प्रमुख प्रो अजय सिंह एवं विभागाध्यक्ष प्रो एचपी सिंह ने भी बधाई दी.